मेमोरी पॉवर बढ़ाने के 12 तरीके

आप अपने दिमाग की पॉवर को केवल एक ही तरीके से बढ़ा सकते है और वह है “दिमाग में न्यूरोन की संख्या बढ़ाकर”।

इस आर्टिकल में मैं आपको वो सभी तरीके बताऊंगा जो आपके दिमाग में न्यूरोन की संख्या को बढ़ाते है और ये सभी तरीके वैज्ञानिको ने अपने शोध के द्वारा सिद्ध भी किये है।

दिमाग के अंदर न्यूरॉन का फोटो (कोशिकाओं का जाल ही न्यूरॉन कहलाता है)

न्यूरोन क्या होते है

न्यूरोन हमारे दिमाग की तंत्रिका कोशिकाएं होती है जो दिमाग में केमिकल और विद्युत् संवेग के द्वारा मैसेज को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने का काम करती है।

हम जो भी याद करते है वो सब इन तंत्रिका कोशिकाओं (न्यूरोन) में स्टोर होता है।

लेकिन अगर ये न्यूरोन किसी कारण मर जाते है तो उसमे स्टोर सूचना भी हम नष्ट जाते है। उदाहरण कभी-कभी आपने सुना होगा कि एक्सीडेंट के बाद कुछ लोगो को पिछले 2 वर्षो का कुछ भी याद नही है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एक्सीडेंट की वजह से उनके वो न्यूरोन नष्ट हो गये जिनमे पिछले 2 वर्षो की याददास्त स्टोर थी।

अपने दिमाग में न्यूरोन की संख्या कैसे बढ़ाये

दिमाग में किसी भी सूचना को याद रखने का काम न्यूरोन करते है। आपके दिमाग में जीतने ज्यादा न्यूरोन होंगे आपकी मेमोरी पॉवर उतनी ही ज्यादा होगी।

जब आप कोई नई भाषा या नया काम सीखते है तो आपके दिमाग नये न्यूरोन बनते है लेकिन दिमाग का एक नियम है अगर आप किसी भाषा या काम को बार-बार रिपीट नही करते है तो आपका दिमाग खुद ही उस सुचना से सम्बंधित न्यूरोन को खत्म कर देता है।

इसी कारण आपको आपके बचपन की बहुत कम ही यादे याद है क्योंकि आपके दिमाग ने बचपन में बने उन न्यूरोन को खुद ही नष्ट कर दिया।

एक बच्चे के दिमाग में 80B से 100B न्यूरोन होते है इसी कारण बच्चे हर बात को बहुत जल्दी सीखते है। लेकिन 13 वर्ष की आयु के बाद न्यूरोन की संख्या कम हो जाती है।

अब आपके दिमाग में यह प्रश्न उठ रहा होगा कि जब 13 वर्ष के बाद न्यूरोन बनना बहुत कम हो जाते है तो अब आप अपने दिमाग में नये न्यूरोन कैसे बनायेंगे?

वैज्ञानिको ने बहुत सारी रिसर्च करके यह साबित कर दिया है कि ऐसे बहुत सारे तरीके है जिनके द्वारा आप अपने दिमाग में न्यूरोन की संख्या बढ़ा सकते है।

आपकी माइंड पॉवर इसलिए कमजोर है क्योंकि आप इसका इस्तेमाल नही करते है इसलिए इसका इस्तेमाल करना शुरू करो।

1. नई स्किल या भाषा सीखकर

आपके दिनभर की 70% एक्टिविटी ऑटोपायलट मोड पर होती है मतलब आप रोजाना एक जैसे काम करते है जो कि आपकी आदत बन जाते है इसलिए आपको वो काम करने के लिए ज्यादा सोचना नही पड़ता।

कभी-कभी तो आप किसी काम को कर देते है लेकिन थोड़ी देर आपको यह याद भी नही रहता कि आपने वह काम कब किया था।

दिमाग में नये न्यूरोन बनाने के लये आपको अपने ऑटो पायलट मोड से बाहर आना होगा। इसके लिए आप उन्ही कामो को अलग ढ़ंग से करना होगा। जैसे

  • उल्टे हाथ से लिखने का प्रयास करें।
  • दूसरे हाथ में घड़ी बांधे।
  • अपना मोबाइल, पर्स, रुमाल अलग पॉकेट में रखे।
  • गाड़ी में आगे बैठने के बजाय पीछे बैठे।
  • उल्टे हाथ से टूथब्रश करें।

जब आप कोई नई भाषा सीखते है तो भी आपके दिमाग में नये न्यूरोन बनते है। इसलिए कहा जाता है कि जिस व्यक्ति को जीतनी अधिक भाषायें आती है वह उतना ही अधिक बुद्धिमान होता है। इसलिए नई भाषा सीखने का प्रयास करें। जैसे इंग्लिश, फ्रेंच, जापानी आदि।

नोट : अगर नई भाषा आपके किसी काम नही आने वाली तो आप ब्रेन पॉवर को बढ़ाने के लिए अन्य तरीके भी अपना सकते है।

2. एक्सरसाइज के द्वारा अपने ब्रेन पॉवर को बढ़ाये  

जिम में आप बहुत प्रकार की एक्सरसाइज कर सकते है। जैसे भरी वजन उठाना, पुश-अप, पुल-अप और भी बहुत सारी। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि वैज्ञानिक स्टडी के अनुसार इन सभी एक्सरसाइज से ना के बराबर नये न्यूरोन बनते है।

सबसे ज्यादा न्यूरोन एरोबिक्स एक्सरसाइज करने से बनते है। जैसे पैदल चलना, दौड़ना, स्विमिंग, साइकिल चलाना, डांस करना आदि।

लेकिन ऐसा क्यों होता है?

आज भी हमारा दिमाग उन्ही कार्यो को करने पर अच्छी तरह काम करता है जो कार्य मनुष्य मानवजाति की शुरुआत में किया करता था।

आदिमानव रोजाना लगभग 12 मील पैदल चलता था, जानवरों से बचने के दौड़ता था, नदी के अंदर तैरता था, पहाड़ पर चढ़ता था मतलब वह सिर्फ एरोबिक्स एक्सरसाइज करता था इस कारण आज भी आपका दिमाग उन्ही कार्यो को करने पर अच्छी तरह काम करता है।

हमारे दिमाग में न्यूरोन के अन्दर 400 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सूचना का आदान-प्रदान होता है।

दुनिया में जीतने भी महान लोग हुए है। जैसे लियोनार्डो विन्ची(महान चित्रकार), निकोला टेस्ला, स्वामी विवेकान्द, अल्बर्ट आइंस्टाइन, स्टीव जॉब्स आदि इन सभी लोगो ने एक बात कॉमन थी कि ये लोग रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलते थे।

पैदल चलने से दिमाग की क्रिएटिविटी पॉवर लगभग 60% तक बढ़ जाती है।

3. मैडिटेशन करके दिमाग तेज करें  

मैडिटेशन के जितने फायदे बताये जाये, उतने कम है मैडिटेशन करने पर आपके दिमाग में बहुत सारे केमिकल रिलीज़ होते है। जैसे – सेरोटोनिन, मेलोटेनिन, गाबा और एंडोरफिन।

दिमाग में ये सभी केमिकल अलग-अलग काम करते है। कम शब्दों में कहे तो ये सभी केमिकल आपके दिमाग में नेगेटिव पैटर्न्स को हटाकर पॉजिटिव पैटर्न्स बनते है। जिसका सीधा असर आपके फोकस, कंसंट्रेशन और इंटेलिजेंस पर पड़ता है।

जब आप रोजाना मैडिटेशन करते है तो आपके ब्रेन का  हिप्पोकैम्पस वाला हिस्सा बढ़ने लगता है और ब्रेन के इसी हिस्से में नये न्यूरोन बनते है मतलब जीतना बड़ा हिप्पोकैम्पस उतने ज्यादा नये न्यूरोन और उतनी ही अधिक याददास्त।

वैज्ञानिको के अनुसार रोजाना 20 से 30 मिनट का मैडिटेशन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

4. Self-help बुक्स पढ़े

आपको अमेज़न और फ्लिप्कार्ट पर सेल्फ-हेल्प से जुडी बहुत सारी किताबे मिल जायेंगी।

इन बुक्स के राइटर कोई आम आदमी नही थे/है बल्कि ये वो लोग है जिन्होंने अपने जीवन में किसी एक क्षेत्र में महानता हासिल की थी/है। किताब पढने से एक महान व्यक्ति के जीवन का अनुभव आपको प्राप्त हो जाता है।

स्वामी विवेकान्द एक महान आध्यात्मिक पुरुष थे। अगर आपको यह जानना है कि किस रास्ते पर चलकर उन्होंने महानता हासिल की थी तो आपको उनकी जीवनी तथा उनके द्वारा लिखी गयी किताबे पढनी चाहिए।

5. स्पोर्ट्स खेलें

आजकल के बच्चे ऑनलाइन गेम्स (मोबाइल, कंप्यूटर) खेलने में ज्यादा रूचि लेते है।

वैज्ञानिको ने स्टडी के द्वारा यह सिद्ध कर किया है कि ऑनलाइन गेम्स की बजाय मैदान में खेले जाने वाले गेम्स से आपके शरीर और दिमाग को बहुत अधिक फायदा होता है।

इसलिए आपको रोजाना कम से कम 1 घंटा बाहर मैदान में खेलना चाहिए वह खेल किसी भी प्रकार का हो सकता है जैसे क्रिकेट, फुटबॉल, बेडमिंटन, टेनिस आदि।

गेम्स खेलने से आपको और भी फायदे होते है जैसे आपके अन्दर टीम भावना पैदा होती है, आपके अंदर लीडरशीप क्वालिटी पैदा होती है, खुद की स्किल को इम्प्रूव करने का जुनून पैदा होता है, पराजय से कुछ सीखने को मिलता है, और जीतने की खुशी का अहसास होता है। ये सब बातें भी कहीं ना कहीं आपके दिमाग को स्ट्रोंग बनाती होती है।

6. अपने जीवन का एक लक्ष्य बनाओ

बहुत सारी स्टडीज में यह पाया गया है कि जब तक आपके जीवन में कोई मकसद होता है तब तक आपका दिमाग पूरी ताकत के साथ काम करता है।

बूढ़े लोगो का दिमाग इसलिए कमजोर हो जाता है क्योंकि उनके जीवन में कोई मकसद नही होता है वो बस अपने मरने का इंतजार कर रहे होते है।

जब आपका कोई मकसद होता है तो आपका दिमाग आपके शरीर की शक्ति को बढ़ाने का काम करता है आपको विभिन्न प्रकार की समस्याओ से बाहर निकालने की कोशिश करता है।

इसीलिए आपको अपने जीवन में शोर्ट टर्म तथा लॉन्ग टर्म गोल जरुर बनाकर रखने चाहिए।

7. खुद की दैनिक डायरी लिखो

दुनिया में जीतने भी महान लोग हुए है उनमे एक बात कॉमन पाई गयी कि वे सभी रोजाना उनके साथ घटी दिनभर की घटनाओं को अपनी डायरी में लिखते थे।

अगर आप डायरी नही लिखना चाहते तो रात को सोने से पहले अपने दिमाग में यह विस्तार से दोहराए कि आज आपने पूरे दिन में कौन-कौन से कार्य किये थे।

आपको एक-एक घटना को विस्तार के साथ याद करना है जैसे आप किसी दूसरे व्यक्ति को बता रहे है

यह बात आपको साधारण लग सकती है लेकिन यकीन मानिये इससे आपका दिमाग पहले से ज्यादा तेज हो जायेगा।

ऐसा करने से आप जिन चीजों को एक बार देखेंगे या सुनेंगे वो आपको याद रहने लग जायेंगी यकीन ना हो तो 30 दिन तक प्रैक्टिस करके देख लीजिये।

8. अवचेतन मन की शक्तियों का इस्तेमाल करें

अगर आप अपने I.Q. को बढ़ाना चाहते है और जीवन की सभी समस्याओं का समाधान पाना चाहते है, सुख समृद्धि को आकर्षित करना चाहते है तो आपको अपने अवचेतन मन की शक्तियों का इस्तेमाल करना आना चाहिए।

आपका अवचेतन मन इतना शक्तिशाली है कि यह आपको वह सबकुछ दिला सकता है जो आप अपने जीवन में पाना चाहते है।

9. दिन में पॉवर नेप ले (20 मिनट की नींद)

बहुत सारे लोग ऐसे है जो सोचते है कि दिन में सोना नही चाहिए। लेकिन वैज्ञानिको ने स्टडी में यह यह पाया है कि जो व्यक्ति दिन में काम करते समय बीच-बीच में पॉवर नेप लेता है वो दूसरे लोगो से अधिक अच्छा कार्य करता है।

पॉवर नेप आपके दिमाग की थकान दूर करता है। जिसके कारण आप तरोताजा महसूस करते है। आप चाहे स्कूल में पढ़ते है या ऑफिस में काम करते है पॉवर नेप आपकी कार्य क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है।

विदेशो में कुछ कंपनिया ऐसी भी है जहाँ दिन में कंपनी में काम करने वाले लोगो को पॉवर नेप लेने की परमिशन होती है।

10. फ़ोन नंबर तथा एड्रेस याद रखे

आपको कितने लोगो के फ़ोन नंबर याद है?

बहुत सारे लोगो को तो खुद का फ़ोन नंबर भी याद नही होगा। क्या आपको पता है कि आपको जीतने ज्यादा फ़ोन नंबर याद होंते है आपका दिमाग उतना ही अधिक शक्तिशाली होता है।

जब आप फ़ोन नंबर याद करते है तो आपके दिमाग की मैथमेटिकल पॉवर बढ़ जाती है और आपके दिमाग की स्मरण शक्ति बढ़ जाती है।

11. भोजन के द्वारा दिमाग की शक्ति को बढ़ाये

जहाँ तक हो सके आपको शुद्ध और शाकाहारी भोजन ही करना चाहिए।

आपके भोजन का 50% हिस्सा सलाद और फ्रूट्स होने चाहिए।

आपको DIP डाइट को फॉलो करना चाहिए यह ऐसी डाइट है जो किसी भी प्रकार की बीमारी को ठीक कर सकती है।

हर वर्ष चार ऋतु आती है आपको ऋतु के हिसाब से अलग-अलग फ्रूट्स और सलाद खाने चाहिए। वरना वो फायदा करने के बजाय नुकसान भी कर सकते है।

जैसे आम गर्मियों का फ्रूट है अगर आप इसे सर्दियों में खायेंगे तो यह आपको इतना फायदा नही करेगा।

किस ऋतु में क्या खाना चाहिए, यह एक बहुत बड़ा टॉपिक है। इस कारण मैंने इसके बारे में मैं ज्यादा बात नही करूँगा लेकिन इसके बारे में न्यूपेपर में बहुत सारे आर्टिकल छपते रहते है इसलिए रोजाना अख़बार पढ़ा कीजिए।

12. योग के द्वारा माइंड की इंटेलिजेंस को बढ़ाये

योग में बहुत प्रकार के आसन तथा शाखाएं होती है दिमाग की इंटेलिजेंस बढ़ाने के लिए प्राणायाम सबसे बढ़िया होता है। योग से मोटापा भी कम होता है तथा यह आपकी पाचन शक्ति को भी कई गुना बढ़ा देता है।

प्राणायाम में अलग-अलग प्रकार से सांसो को कण्ट्रोल करना होता है। प्राणायाम में भी बहुत प्रकार की योगिक क्रियाये होती है जैसे अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, बाह्य प्राणायाम आदि।

हमारे दिमाग का कनेक्शन हमारी सांसो के साथ होता है जब आप अपनी सांसो पर कण्ट्रोल करना सीख जाते है तो आपका दिमाग भी स्ट्रोंग हो जाता है।

निष्कर्ष

कोई भी मशीन तभी तक सही तरीके से काम करती है जब तक उसको चलाया जाता है तथा समय-समय पर उसमे तेल तथा ग्रीस डाला जाता है। मतलब की जब तक उसकी शक्तियों का इस्तेमाल किया जाता है तब तक वह सही तरीके से काम करती है। इसलिए अपने दिमाग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें।

मनुष्य के दिमाग की मेमोरी क्षमता 2.5 पेटाबाइट होती है मतलब की इसमें लाखों फिल्मे स्टोर की जा सकती है। जिन्हें आप लगातार 300 वर्षो तक देख सकते है।

इसलिए यह कभी ना सोचे की अधिक जानकारी स्टोर करने से आपका दिमाग ख़राब हो जायेगा या काम नही करेगा।

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